विकास क्या है ? क्या पक्की सड़क और हर तरफ सड़क बनते रहना, और सालो साल बस बनते ही रहना। काम पूरा ले दे के हो भी गया तो फिर उसमे जगह जगह गड्ढे या बनते ही पाइप बिछाने फिर खोदना ? क्या सिर्फ बिल्डिंगें बनते रहना और जंगल, पेड़ - पौधें और पक्षियों - जानवरो का गायब होते जाना ? क्या है विकास? क्या बड़े बड़े कुछ चुनिंदा हॉस्पिटल, जिनमें इलाज कराने अक्सर आबादी के पास पैसे नहीं होते, और लोग वहां जाकर ये महसूस करते हैं के वो इंसान ही नहीं, ऐसा बर्ताव झेलते है जो अपने गांव में वो जानवर से भी कभी करने का नहीं सोच सकते बल्कि पाप समझते है। या नेताओ के बड़े बड़े वादे और भाषण जिनके खूब अच्छे अच्छे प्यारे सपने होते है, या देश का गौरव बताए जाने वाली वो बड़ी बड़ी कंपनिया जिनपर हमें देश भक्त होने के नाते गर्व करने को कहा जाता है, जिनके मालिक कई सौ करोड़ के जहाज अपनी बीवियों को घूमने तोहफा देता है, हजारों करोड़ के सिर्फ घर में रहते और जहाज ने उड़ कर दफ्तर आते जाते है, और देश के करोड़ों लोग और बच्चे उनके ही शहर में भूके सोते , नंगे घूमते , रास्तों पे रहते है, सड़क पार करते हुए और कई बार किनारे...