Skip to main content

क्यों हारी रमन भाजपा ?




रमन सिंह की भाजपा के सफाए की वजह क्या रही?

- माता-बहनो के आवागमन के सार्वजनिक रास्तो में शराब दुकाने खुलवा कर शराबियो की भीड़ के बिच से आने जाने में मजबूर करना क्या नारियो को अपमान लगा ?

- या दो रुपये किलो के चावल जनता के पैसो से बेच कर और काम न कर भिकारी पंक्तियों पर कोई सही योजना न बना कर, राज्य के लोगो को आलसी बनाने और लेबर समस्या पैदा करना लोगो को पसंद नहीं आया ?

- या बेतरतीब योजनाये विकास के नाम पर और इनसे बढ़ते तरह तरह के प्रदुषण , यह भी ज़रूरी कारन रहे जनता की नाराज़गी के ?

 क्या वाक़ई विकास के नाम पर हल्ला ज़्यादा और राजयोग बहोत चलरहा था?

         किन्तु भाजपा के आने से सुश्री 'सरोज पाण्डेय जी' राज्य की कमान सँभालने बहोत ही बेहतर विकल्प होती।

    खैर! कांग्रेस को चुने जाने की ढेर सारी बधाई,
किन्तु उनके लिए ये परीक्षा की घडी है।
उन्हें जनता के हित में पुरे मन से काम करना होगा,
बिना किसी लालच या बदले के भाव से। मानव सेवा और सामाजिक सुधारो के साथ ही अपने कर्तव्यों और और पद का सही पालन करना होगा ।
अन्यथा वे भी अपना बोरियां-बिस्तर बाँध कर तैयार रहे

धन्यवाद्

www.jantasorahihaii.blogspot.com
insta/fb/youtube : @jantasorahihai , @twincity_durgbhilai


                                Report- Faizan Rathore!

Comments

Popular posts from this blog

विकास क्या है ?

विकास क्या है ? ‌क्या पक्की सड़क और हर तरफ सड़क बनते रहना, और सालो साल बस बनते ही रहना। काम पूरा ले दे के हो भी गया तो फिर उसमे जगह जगह गड्ढे या बनते ही पाइप बिछाने फिर खोदना ? ‌ क्या सिर्फ बिल्डिंगें बनते रहना और जंगल, पेड़ - पौधें और पक्षियों - जानवरो का गायब होते जाना ? ‌क्या है विकास? ‌क्या बड़े बड़े कुछ चुनिंदा हॉस्पिटल, जिनमें इलाज कराने अक्सर आबादी के पास पैसे नहीं होते, और लोग वहां जाकर ये महसूस करते हैं के वो इंसान ही नहीं, ऐसा बर्ताव झेलते है जो अपने गांव में वो जानवर से भी कभी करने का नहीं सोच सकते बल्कि पाप समझते है। ‌या नेताओ के बड़े बड़े वादे और भाषण जिनके खूब अच्छे अच्छे प्यारे सपने होते है, या देश का गौरव बताए जाने वाली वो बड़ी बड़ी कंपनिया जिनपर हमें देश भक्त होने के नाते गर्व करने को कहा जाता है, जिनके मालिक कई सौ करोड़ के जहाज अपनी बीवियों को घूमने तोहफा देता है, हजारों करोड़ के सिर्फ घर में रहते और जहाज ने उड़ कर दफ्तर आते जाते है, और देश के करोड़ों लोग और बच्चे उनके ही शहर में भूके सोते , नंगे घूमते , रास्तों पे रहते है, सड़क पार करते हुए और कई बार किनारे...